




आज के समय में ₹1 में क्या मिलता है?
अधिकतर लोग कहेंगे...
"कुछ भी नहीं।"
लेकिन...
इसी सोच को बदलने का संकल्प लेकर
Shardaup32 और RAVC Foundation
एक ऐसा सामाजिक अभियान शुरू कर रहा है
जो शायद आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की ज़िंदगी बदल देगा।
यह सिर्फ एक योजना नहीं...
यह भूख के खिलाफ एक आंदोलन है।
भारत में लाखों लोग रोज़ भूखे सोते हैं। कई लोग अस्पतालों के बाहर... मज़दूर... रिक्शा चालक... दिहाड़ी श्रमिक... और जरूरतमंद परिवार एक समय का भोजन भी नहीं जुटा पाते। इसी समस्या का समाधान लेकर आया है
जुड़ें हमसेयह ₹1 पैसों का मूल्य नहीं बल्कि सम्मान का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि भोजन लेने वाला व्यक्ति कभी स्वयं को असहाय महसूस न करे। इसलिए हमने "निःशुल्क" नहीं "₹1" चुना।
दान करेंशारदा वेलफेयर सोसायटी वर्ष 2015 से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। हमारा विश्वास है कि किसी भी व्यक्ति को केवल आर्थिक अभाव के कारण भूखा नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ हमने "₹1 में भरपेट भोजन" अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सम्मानपूर्वक, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन पहुँचाना है।
आज के समय में जहाँ ₹1 का मूल्य लगभग समाप्त माना जाता है, वहीं हम इस एक रुपये को सम्मान, सहभागिता और आत्मसम्मान का प्रतीक मानते हैं। हमारा प्रयास केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति सहायता प्राप्त करते समय स्वयं को असहाय महसूस न करे।
यह अभियान मजदूरों, रिक्शा चालकों, दैनिक वेतनभोगियों, बुजुर्गों, जरूरतमंद परिवारों, राहगीरों और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक पौष्टिक भोजन पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य भूख के खिलाफ एक जनआंदोलन खड़ा करना है, जिसमें समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका निभा सके।
प्रतिदिन भोजन प्राप्त करने वाले लाभार्थी
दिन भोजन का लक्ष्य
समर्पित सहयोगी
समाज सेवा का संकल्प
हर दिन हजारों लोग ऐसे मिलते हैं जिनके लिए एक समय का भोजन जुटाना भी संघर्ष होता है। कोई दिहाड़ी मजदूर है जो पूरे दिन की मेहनत के बाद भी पेट भर भोजन नहीं कर पाता, कोई बुजुर्ग है जो अकेलेपन और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है, तो कोई तीमारदार है जो अस्पताल में अपने मरीज के साथ रहकर स्वयं भूखा रह जाता है। ₹1 में भरपेट भोजन अभियान केवल भोजन उपलब्ध कराने की पहल नहीं है, बल्कि उन लोगों तक सम्मान और सहारा पहुँचाने का प्रयास है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से लड़ रहे हैं।
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हमारा न्यूज़लेटर
शारदा वेलफेयर सोसाइटी लखनऊ का सर्वश्रेष्ठ NGO! बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और पर्यावरण के लिए काम करते हैं। 2015 से शुरू हुआ हमारा सफर आज लखनऊ से पूरे उत्तर प्रदेश तक फैल चुका है। हमने 2,500 बच्चों को स्कूल भेजा, 12,000 लोगों को इलाज दिया, और 6,000 पेड़ लगाए। हमारा मिशन है एक ऐसा भारत बनाना जहाँ कोई अनपढ़, अस्वस्थ, या असुरक्षित न रहे। आपके बिना यह मिशन अधूरा है! दान करें, स्वयंसेवक बनें, या हमारे काम को शेयर करें।
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